| dc.contributor.author | يحي شريف, فيروز | |
| dc.contributor.author | تولة, سميرة | |
| dc.contributor.author | شمون, أرزقي ( مدير البحث ) | |
| dc.date.accessioned | 2021-07-13T12:59:34Z | |
| dc.date.available | 2021-07-13T12:59:34Z | |
| dc.date.issued | 2015 | |
| dc.identifier.uri | http://hdl.handle.net/123456789/16404 | |
| dc.description | تخصص : علوم اللسان | en_US |
| dc.description.abstract | عامل كمنطلق موجود في التراث اللساني العربي والغربي الا أنه يختلف باختلاف البيئة والحضارة والمنهج. للنحاة الأولين حجتهم وآراؤهم العاملية,ولكل من اللسانيات الغربية /الشومسكية مذهب خاص بها. كما أن للنظرية الخليلية منهجها الخاص وهي تسعى لإخضاعه الى العلاج الالي الصوري للغة العربية بهدف ابراز ما قدمه العلماء الأولون. | en_US |
| dc.language.iso | other | en_US |
| dc.publisher | جامعة بجاية | en_US |
| dc.subject | نعوم شومسكي : النظرية الخليلية | en_US |
| dc.subject | نعوم شومسكي : الربط العاملي | en_US |
| dc.title | العامل بين النظرية الخليلية و الربط العاملي لنعوم شومسكي | en_US |
| dc.type | Thesis | en_US |